जयंत राज

जयंत राज

बिहारी छोरा जो अपनी राजनीतिक ज्ञान को बढ़ाने में मशगूल रहता है। ज़िन्दगी की राह को परखता हुआ, संभलता हुआ लिखावट में आगे की राह तलाश रहा है। आलस से भरपूर मदमस्त हुए राहों पर रहते हुए बस आगे को चला जा रहा है। समय के साथ-साथ चला जा रहा है.........
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