भारतीय क्रिकेट में इन दिनों एक अलग ही हलचल है। बीसीसीआई ने आने वाले मुकाबलों के लिए टेस्ट और वनडे स्क्वॉड तो तय कर दिए हैं, लेकिन असली माथापच्ची अभी टी20 टीम को लेकर चल रही है। नए टी20 वर्ल्ड कप साइकल और ओलंपिक्स में क्रिकेट की एंट्री को देखते हुए सेलेक्शन के फैसले अब पहले से कहीं ज़्यादा भारी होने वाले हैं। खैर, टी20 की गुत्थी पर आएं उससे पहले बात करते हैं उस सीरीज़ की जो बिल्कुल सिर पर है।
6 जून से न्यू चंडीगढ़ में अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ इकलौता टेस्ट मैच शुरू हो रहा है। ये 2018 के बाद दोनों टीमों का पहला रेड-बॉल एनकाउंटर होगा, जब अफ़ग़ानों ने भारत के खिलाफ ही टेस्ट क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था। हशमतुल्लाह शाहिदी इस दौरे पर टेस्ट और वनडे दोनों टीमों की कप्तानी संभालेंगे। अफ़ग़ानिस्तान की टेस्ट टीम में एक अजीब सी कमी खलेगी क्योंकि उनके स्टार स्पिनर राशिद खान और धाकड़ बल्लेबाज़ इब्राहिम ज़दरान को इस फॉर्मेट से बाहर रखा गया है, हालांकि ये दोनों खिलाड़ी वनडे सीरीज़ में वापसी करेंगे।
टेस्ट टीम में अफ़ग़ानिस्तान ने कुछ कड़े फैसले लिए हैं। नांग्याल खरोटी, बिलाल सामी और रहमानुल्लाह ज़दरान जैसे नए चेहरों को पहली बार टेस्ट कॉल-अप मिला है और स्पिनर कैस अहमद की वापसी हुई है। सेदीकुल्लाह अटल और अज़मतुल्लाह ओमरज़ई को भी मौका दिया गया है, जिनके नाम अब तक सिर्फ एक ही टेस्ट (2024 में ज़िम्बाब्वे के खिलाफ) दर्ज है। हमारी तरफ से भी एक बड़ा नाम गायब है—जसप्रीत बुमराह, जिन्हें इस पूरी सीरीज़ से आराम दिया गया है। टेस्ट मैच के बाद 13 जून को धर्मशाला, 17 को लखनऊ और 20 जून को चेन्नई में वनडे मुकाबले खेले जाएंगे।
अब बात उस मुद्दे की जिसने आईपीएल 2026 के बाद से क्रिकेट पंडितों की रातों की नींद उड़ा रखी है। टेस्ट और वनडे की तस्वीर भले ही साफ़ हो, पर टी20 सेटअप में एक बड़ा भूचाल आ चुका है। मंगलवार रात धर्मशाला के उसी एचपीसीए स्टेडियम में (जहां अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ पहला वनडे होना है) कुछ ऐसा हुआ जिसने नेशनल सेलेक्शन की पूरी डिबेट का रुख़ ही मोड़ दिया।
क्वालीफायर 1 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ रजत पाटीदार ने महज़ 33 गेंदों में नाबाद 93 रन कूट दिए। ये आईपीएल इतिहास की सबसे खूंखार पारियों में से एक थी। उनकी इस मारकाट के दम पर आरसीबी ने 5 विकेट पर 254 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। इस मैच के बाद से एक्सपर्ट्स और फैंस लगभग एकमत होकर पाटीदार को इंडिया के टी20 सेटअप में शामिल करने की रट लगाए हुए हैं। मामला सिर्फ टीम में शामिल करने तक नहीं रुका। पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ अंबाती रायडू ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो पर तो यहां तक कह दिया कि पाटीदार उन गिने-चुने लड़कों में से हैं जिनके इर्द-गिर्द भारत को अपनी भविष्य की टी20 टीम खड़ी करनी चाहिए।
रायडू का नज़रिया एकदम क्लीयर था, “आपको उसे टी20 स्क्वॉड में रखना ही होगा। इसमें कोई दो राय नहीं है।” जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या पाटीदार टी20 टीम में सूर्यकुमार यादव की जगह ले सकते हैं, तो उनका जवाब बिना किसी हिचकिचाहट के था: “हां, बिल्कुल।” सूर्या जैसे स्थापित बल्लेबाज़ की जगह पर किसी और को देखने की बात ही अपने आप में ये बताती है कि पाटीदार का इम्पैक्ट कितना तगड़ा रहा है।
आंकड़े भी इसी बात की गवाही दे रहे हैं। ये आराम से पाटीदार का अब तक का बेस्ट आईपीएल सीज़न रहा है। उन्होंने अपने करियर में पहली बार 400 रन का आंकड़ा पार किया है और उस क्वालीफायर 1 के ‘कारनेज’ के बाद उनका स्कोर 486 तक पहुंच गया है। सबसे दिलचस्प बात ये है कि इस सीज़न में जहां टॉप-ऑर्डर के बल्लेबाज़ों का पूरी तरह से बोलबाला रहा है, वहां पाटीदार हेनरिक क्लासेन के साथ इकलौते ऐसे मिडिल-ऑर्डर बैटर हैं जो ऑरेंज कैप की टॉप 15 की लिस्ट में अपनी जगह बचाए हुए हैं।